Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai
Motivational Stories

Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai ज्यादा सोचने से क्या नुकसान होता है

दोस्तों हमारा दिमाग कभी भी शांत नहीं रहता। उसमें कुछ न कुछ विचार चलते रहते है और हम अकसर उन विचारों पर सोचते रहते है। किसी ने खूब कहा है। ज्यादा नहीं सोचना चाहिए क्योकि सोच जज्बात बन जाते है, जज्बात अल्फाज बन जाते है, अल्फाज हरकत बन जाते है, हरकत आदत बन जाती है और किसी चीज की आदत बहुत बुरी होती है। अगर आप जानना चाहते है की ज्यादा सोचना कैसे छोड़े तो इस कहानी को पुरे ध्यान से पढ़ो। Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai ज्यादा सोचने से क्या नुकसान होता है

ज्यादा सोचने से क्या नुकसान होता है

Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai ज्यादा सोचने से क्या नुकसान होता है

Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai
Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai

एक आदमी किसी भी प्रकार के ताले को खोल सकता था। उसकी यह काबिलियत देखकर लोगों को हैरानी होती थी।

एक बार उसके सामने एक चैलेंज रखा गया। जो था – उसे एक काँच के बॉक्स में बंद करके पानी में डाल दिया जायेगा।

इस स्थिति में उसके पास दो रास्ते होंगे। पहला – वह उस बॉक्स के ताले को खोलकर बाहर आ जाए। दुसरा – वह अपनी हार मान ले। उसने इस चैलेंज को स्वीकार कर लिया।

Jyada Sochne ke Side Effects
Jyada Sochne ke Side Effects

उस इंसान की काबिलियत को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गयी। उस इंसान को काँच के बॉक्स में बंद करके पानी में डाल दिया गया।

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उस व्यक्ति में अपनी जेब से एक तार निकाला और लॉक को खोलना शुरु कर दिया।

मगर इस बार उस व्यक्ति से लॉक नहीं खुल रहा था। जैसे – जैसे समय बढ़ रहा था पानी के अंदर साँस लेना भी मुश्किल होता जा रहा था। आखिर कार उस व्यक्ति ने हार मान ली।

Sochne se Kaise Bache
Sochne se Kaise Bache

उसे पानी से बाहर निकाल लिया गया। वह व्यक्ति अपने आप में काफी शर्मिंदगी महसूस कर रहा था। उसकी नजरे झुकी हुई थी।

वह जैसे ही बॉक्स के दरवाजे को पकड़कर बैठने की कोशिश करता है तो वह दरवाजा खुल जाता है। तब उसे पता चलता है की दरवाजा लॉक ही नहीं किया गया था।

Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai
Ek Hi Baat Baar Baar Sochna

यहाँ पर एक बात समझाने की है। जब वह लॉक को खोलने के लिए अपनी ट्रिक का इस्तेमाल कर रहा था।

तब उसके दिमाग में एक बार भी यह नहीं आया की दरवाजे पर लॉक लगाया ही ना गया हो।

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वह ऐसा इसलिए नहीं सोच पाया। जब सलूशन बहुत आसान होता है तो आप कितने भी टैलेंटेड क्यों न हो।

आपका टैलेंट कभी भी काम नहीं आएगा। अगर आपको ठहर के सोचना नहीं आता।

Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai
Ek Hi Baat Dimag Me Aana

कई बार कुछ न करना सलूशन होता है। कई बार बस ये देख लेना सलूशन होता है की प्रोब्लेम्स है भी या नहीं।

अगर आप भी काम करते – करते सोचने लग जाते है तो आपका वह काम बनेगा ही नहीं।

कभी – कभी ज्यादा सोचना अच्छा होता है। मगर हर समय नहीं। Jyada Sochne se kya Nuksan Hota Hai ज्यादा सोचने से क्या नुकसान होता है

अगर आप ज्यादा सोचते है और आप इस बिमारी से छुटकारा पाना चाहते है। ऐसी स्थिति में आप कुछ किताबें पढ़ सकते है। ये किताबे आपको आपकी सोच से बाहर आने के लिए रास्ता दिखाएगी।

Note – The Motivational Story (Hindi Kahani) and Inspirational Story (Moral Stories) shared here is not my original creation. I have read or heard it before and I am just providing a Hindi version of the same with some modifications. I just want to help the people to get more easily through difficult times. Thank You

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Ankur Rathi
This is Ankur Rathi a professional Blogger, Youtuber, Digital Marketer & Entrepreneur. I love doing work which makes me happy, that’s why i love blogging. I also love reading and sharing my thoughts with others to help them. Live your dream today because tomorrow never come.
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