Human Behavior Psychology in Hindi
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Human Behavior Psychology in Hindi – Psychology Facts

दोस्तों कभी भी किसी भी इंसान को उसके मुँह पर ही यह नहीं बोलना चाहिए की वह गलत है। ऐसा करने से सामने वाला इंसान आप पर गुस्सा होगा और हो सकता है। वह आप से नफरत करना भी शुरू कर दे। आपको अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हुए। सामने वाले इंसान को अलग तरिके से समझाना चाहिए की वह गलत है। Human Behavior Psychology in Hindi

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इस बात को हम एक उदाहरण से समझते है। एक मोहन नाम का इंसान चंदन की लकड़ियों का व्यापार करता था। इस व्यापार में इसने बहुत ही नाम कमाया था। दूसरी ओर सोहन नाम का एक बढ़ई था। जिसने तरह – तरह की लकड़ियों से अच्छे – अच्छे समान बनाये थे लेकिन उसने कभी भी चंदन की लकड़ियों का इस्तेमाल नहीं किया था।

एक बार एक आदमी ने सोहन को चंदन की लकड़ियों से एक टेबल बनाने को कहा। सोहन को पता चला की मोहन नाम का एक व्यक्ति चंदन की लकड़ियों का व्यापार करता है। सोहन उसकी दूकान पर चला गया लेकिन सोहन को चंदन की लकड़ियाँ अच्छी नहीं लगी।

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उसने मोहन के मुँह पर ही मोहन और उन लकड़ियों में कमी निकालना शुरू कर दिया। अब मोहन के पास दो रास्ते थे। पहला – वह भी गुस्सा करे और अपने एक ग्राहक को खो दे। जिससे उसका व्यापार में नुकसान हो। दुसरा – वह अपने गुस्से पर नियंत्रण करे और अपने एक ग्राहक को सामान बेचकर मुनाफा कमाये।

मोहन ने दुसरा रास्ता चुना। उसने सोहन से पूछा – क्या आपने कभी भी चंदन की लकड़ियों का इस्तेमाल किया है। सोहन बोला नहीं, मैं पहली बार ही चंदन की लकड़ियों पर काम करुँगा। यह सुनकर मोहन बोला – आप चंदन की लकड़ियाँ ले जाइये।

अगर आपको काम करने के बाद मजा नहीं आया तो मैं सारे के सारे पैसे वापस कर दूँगा। साथ ही साथ आप इन लकड़ियों को भी मुफ्त में रख सकते हो। सोहन ने सोचा – यह तो बहुत ही फायदे का सौदा है। उसने लकड़ियाँ लेकर काम करना शुरु कर दिया।

उन्हें पहली बार उन लकड़ियों पर काम करके अच्छा लग रहा था। सोहन को अहसास हुआ की उसे मोहन को भला – बुरा नहीं कहना चाहिए था। इसके लिए सोहन ने मोहन से माँफी माँगी।

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यहाँ से हम क्या सीखते है की मोहन जानता था की सोहन गलत है। अगर वह चाहता तो उसके साथ झगड़ा करके अपनी बात साबित कर सकता था लेकिन मोहन ने ऐसा नहीं किया। उसने सोहन के मुँह पर नहीं कहा की वह गलत है।

इसके बजाय उसने सोहन को इस बात का अहसास करवाया। ऐसा करके वह रिस्तो की कड़वाहट से बच पाये। किसी भी बात को सकारात्मक और नकारात्मक बनाना आपके ही हाथ में होता है। Human Behavior Psychology in Hindi

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