Short Motivational Stories with Moral अपनों और दोस्तों पर भरोसा रखो
Motivational Stories (प्रेरक कहानियां)

Short Motivational Stories with Moral अपनों और दोस्तों पर भरोसा रखो

दोस्तों समय बहुत अच्छे अच्छे खेल खेलता है। कभी तो यह अपनों का साथ दिलवाता है और कभी यह अपनों की परीक्षा करवाता है। मैं आपसे ये कहूँगा – स्तिथि जो भी हो अपनों और दोस्तों पर भरोसा रखो। ये ही बात आपको अच्छे तरिके से समझाने के लिए मैं आपको एक Motivational Story सुनाता हूँ। Short Motivational Stories with Moral अपनों और दोस्तों पर भरोसा रखो

Short Motivational Stories with Moral अपनों और दोस्तों पर भरोसा रखो

Short Motivational Stories with Moral अपनों और दोस्तों पर भरोसा रखो
Short Motivational Stories with Moral अपनों और दोस्तों पर भरोसा रखो

आप सभी ने श्री कृष्ण और सुदामा की दोस्ती के किस्से तो सुने ही होंगे। वे दोनों दिन रात एक ही साथ रहते थे। इतना ही नहीं वे हर काम को साथ मिलकर करते थे। एक दिन की बात है दोनों एक जंगल में घुम रहे थे।

जब वे वापस लौट रहे थे। तब वे रास्ता भटक गये। उन्हें बहुत अधिक भूख और प्यास लगी थी इसलिए उन्होंने एक पेड़ के नीचे आराम करने का फैसला किया। जब वे दोनों पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। तब श्री कृष्ण ने देखा की उस पेड़ पर एक फल लगा था।

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श्री कृष्ण ने उस फल को तोड़ लिया। श्री कृष्ण ने उस फल के ६ टुकड़े किये और अपनी आदत के कारण पहला टुकड़ा सुदामा को दिया। सुदामा ने फल का टुकड़ा खाते ही कहा – यह फल बहुत ही स्वादिष्ट है। मैंने ऐसा फल कभी भी नहीं खाया। क्या मुझे एक टुकड़ा और मिल सकता है।

फल का दूसरा टुकड़ा भी सुदामा को मिल गया। ऐसा करते – करते सुदामा ने ६ टुकड़ो में से ५ टुकड़े माँगकर खा लिये। जब सुदामा ने आखिरी टुकड़ा भी माँग लिया। तब श्री कृष्ण बोले – अब तो हद हो गयी। यह सीमा से बाहर है। मुझे भी भूख लगी है। तुम मेरे प्रिय हो। क्या तुम्हे मुझसे प्रेम नहीं है।

यह कहते हुए श्री कृष्ण ने उस टुकड़े को अपने मुँह में रख लिया। मुँह में रखते ही श्री कृष्ण ने उसे जमीन पर थूक दिया। क्योकि वह फल बहुत ही कड़वा था। श्री कृष्ण ने सुदामा से पूछा – तुम पागल तो नहीं। इतना कड़वा फल तुमने कैसे खाया।

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सुदामा ने कहा – जिन हाथो से बहुत सारे मीठे फल खाने को मिले। एक कड़वे फल की शिकायत कैसे करू। मैं सब टुकड़े इसलिए लेता गया ताकि आपको पता न चले की यह फल बहुत ही कड़वा है।

दोस्तों इस Motivational Story से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ की जहाँ दोस्ती और प्यार हो। वहाँ किसी भी बात को लेकर संदेह नहीं करना चाहिए। ये जिंदगी आपको अच्छे और बुरे दोनों ही प्रकार के समय दिखाती है इसलिए अच्छे दिनों में अहंकार मत करो और बुरे दिनों में थोड़ा सब्र रखो।

Note – The Motivational Story and Inspirational Story shared here is not my original creation. I have read or heard it before and I am just providing a Hindi version of the same with some modifications. I just want to help the people to get more easily through difficult times. Thank You

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4 thoughts on “Short Motivational Stories with Moral अपनों और दोस्तों पर भरोसा रखो”

  1. waqai me hame hamesha apne doston aur apno par bharosa karna chahiye. kyon ki is duniyan men dosti hi esa rishta hai jis par hum bharosa kar sakte hain.

    is article k liye bahut bahut dhnyawaad

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