History (इतिहास)

रानी पद्मावती को आत्मदाह क्यों करना पड़ा। Rani Padmavati Story in Hindi

रानी पद्मावती को आत्मदाह क्यों करना पड़ा। Rani Padmavati Story in Hindi

नमस्कार दोस्तों, मुझे उम्मीद है कि आप सभी अच्छे होंगे। दोस्तों रानी पद्मावती का नाम सदा ही इतिहास में अमर रहेगा। इतना ही नहीं उनके साहस और बलिदान की कहानी भी इतिहास में हमेशा के लिए अमर रहेगी। रानी पद्मावती ने नाम के साथ इतिहास के दो अहम पात्र भी जुड़े हुए है। पहला – चित्तोड़ के राजा रावल रतन सिंह और दुसरा – दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी।

अगर हम इतिहास के पन्नो में झाँके तो हमे रानी पद्मावती के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिलती है। ऐसा माना जाता है की रानी पद्मावती ने १३०३ में आत्मदाह कर लिया था। इसके ठीक २३७ साल बाद यानि की १५४० में उनके ऊपर एक कविता लिखी गयी। इस कविता से ही रानी पद्मावती का अस्तित्व सामने आया। कुछ लोग तो रानी पद्मावती को कहानी का एक पात्र ही मानते है। आइये जानते है रानी पद्मावती को आत्मदाह क्यों करना पड़ा।

रानी पद्मावती को आत्मदाह क्यों करना पड़ा। Rani Padmavati Story in Hindi

रानी पद्मावती को आत्मदाह क्यों करना पड़ा। Rani Padmavati Story in Hindi

रानी पद्मावती कौन थी

मैं आपको ये बता देना चाहता हूँ कि रानी पद्मावती एक बहुत ही सुंदर और साहसी स्त्री थी। रानी पद्मावती के पिता का नाम गंधर्वसेन था और वे सिंघल प्रान्त के राजा थे। उनकी माता का नाम चंपावती था। उनके माता – पिता ने उनका बड़े ही प्यार से पालन पोषण किया था। रानी पद्मावती जितनी सुन्दर थी। उतनी ही बुद्धिमान भी थी।

रानी पद्मावती का स्वयंवर

रानी पद्मावती जब विवाह योग्य हो गयी। तब उनके पिता गंधर्वसेन ने अपनी पुत्री के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया। रानी पद्मावती के सौन्दर्य के चर्चे पुरे भारत वर्ष में थे। इसलिए उनके स्वयंवर में भारत के लगभग सभी राज्यों के राजाओ ने भाग लिया।

स्वयंवर में भाग ले रहे सभी राजाओ को हराकर चित्तोड़ के राजा रावल रतन सिंह ने पद्मावती से विवाह कर लिया। राजा रावल रतन सिंह पहले से ही शादी सुधा थे। ऐसा भी कहा जाता है की रानी पद्मावती से विवाह करने के बाद उन्होंने किसी ओर से शादी ही नहीं की।

सिकंदर महान की कहानी – Motivational Story of Alexander the Great

राघव चेतन कौन था

चित्तौड़ राज्य अपनी सैन्य शक्ति और युद्ध कला के लिए पुरे भारत वर्ष में जाना जाता था। राजा रावल रतन सिंह के राज्य में महावीर यौद्धा और ऐसे बहुत से लोग मौजूद थे। जिनके पास अदभूत कलाओ का ज्ञान था। उन्ही में से एक थे राघव चेतन। जो एक बहुत ही प्रसिद्ध संगीतकार थे। राघव चेतन एक ओर विद्या में निपुण थे।

इतिहासकारो द्वारा ऐसा माना जाता है की राघव चेतन अपनी इच्छाओं की पूर्ति और शत्रुओं को हराने के लिए जादू – टोने का प्रयोग किया करते थे। एक दिन राघव चेतन को जादू टोना करते हुए पकड़ लिया गया। दंड स्वरूप राजा रावल रतन सिंह ने उसका मुँह काला करके उसे गधे पर बैठाकर पूरा राज्य घुमाने का आदेश दिया। इसके बाद राघव चेतन को राज्य के बाहर निकल दिया गया।

काम या फिर आराम – Story for Kids in Hindi

राघव चेतन और अलाउद्दीन खिलजी की भेट

राघव चेतन के साथ जो कुछ भी हुआ। यह सब उसे बहुत ही अपमान जनक लगा। जिसके कारण उसके मन में प्रतिशोद्ध की भावना पैदा हो गयी। इसलिए वह मन ही मन में सोचने लगा की रावल रतन सिंह से बदला लेने में कौन उसकी मदत कर सकता है। तभी उसे दिल्ली के बादशाह अलाउद्दीन खिलजी का ख्याल आया। इसलिए वह दिल्ली चला गया।

उसने बादशाह से मिलने की बहुत कोशिश की लेकिन मिल नहीं पाया। वह जानता था की बादशाह को शिकार का बहुत शौंक है। इसलिए पास के ही जंगलो में उसने रहना शुरू कर दिया। राघव चेतन एक अच्छा संगीतकार तो था ही। एक दिन जब अलाउद्दीन खिलजी शिकार कर रहा था। उसी वक्त राघव चेतन ने अपनी मधुर बाँसुरी बजाना शुरू कर दिया।

बाँसुरी की मधुर आवाज सुनकर अलाउद्दीन खिलजी ने अपने सैनिकों को आदेश दिया की इस इंसान को कल हमारे दरबार में पेश किया जाये। सैनिक उसे पकड़कर अगले दिन बादशाह के सामने पेश करते है। जब उससे पूछा जाता है की वह कौन है और कहाँ से आया है।

तब वह अलाउद्दीन खिलजी को चित्तौड़ के राजा रावल रतन सिंह के बारे में बताता है। इतना ही नहीं वह चित्तौड़ की सैन्य शक्ति, धन और किले की सुरक्षा के सभी राज उस दरबार में खोल देता है। साथ ही साथ वह रानी पद्मावती के सौन्दर्य का वर्णन भी करता है। रानी पद्मावती के सौन्दर्य के बारे में जानकार अलाउद्दीन खिलजी उससे मिलने के लिए व्याकुल हो उठता है।

खुश रहने का रहस्य – Short Motivational Story in Hindi

अलाउद्दीन खिलजी का चित्तौड़ की ओर प्रस्थान

अलाउद्दीन खिलजी अपनी सेना को लेकर चित्तौड़ की ओर चल दिया। जब वह चित्तौड़ पहुँचा। तो उसने देखा की किले की सुरक्षा को भेदना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। तब अलाउद्दीन खिलजी ने एक चाल चली। उसने राजा रतन सिंह को सन्देश भिजवाया। जिसमे लिखा था।

वह रानी पद्मावती को बहन समान मानता है। वह दिल्ली से यहाँ तक बस उनसे मिलने आया है। क्योकि उसने उनकी सुंदरता के बारे में सुना है। इसलिए वह उनकी बस एक झलक पाना चाहता है। उन्हें देखने के बाद वह अपनी सेना को लेकर वापस दिल्ली चला जायेगा।

Moral Stories for Kids in Hindi – आज दुनिया में एक चीज की कमी है

चित्तौड़ के राजा रावल रतन सिंह का फैसला

अलाउद्दीन का सन्देश सुनकर राजा रतन सिंह ने साफ साफ मना कर दिया। राजा रतन सिंह ने अपने राज्य की प्रजा को अलाउद्दीन खिलजी के कहर से बचाने के लिए एक बीच का रास्ता निकाला। उसने खिलजी के पास एक सन्देश भिजवाया।

जिसमे लिखा था। वह रानी पद्मावती की एक झलक देख सकता है, मगर शीशे में। रानी पद्मावती पर्दे के पीछे से गुजरेगी। सामने एक शीशा रखा जायेगा और उस शीशे में ही वह रानी पद्मावती के प्रतिबिम्ब की झलक देख सकता है। अलाउद्दीन खिलजी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और वह रानी पद्मावती की एक झलक देखने के लिए महल में आ गया।

कुछ समय के लिए रुको – Very Short Hindi Moral Stories

अलाउद्दीन खिलजी ने धोखे से रतन सिंह को बंदी बनाया

राजा रावल रतन सिंह ने अपना वादा निभाया। उसने अलाउद्दीन खिलजी को शीशे में रानी पद्मावती की झलक दिखाई। राजा रतन सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी पर विश्वास करके उसे बाहर किले के दरवाजे तक छोड़ने गये।

अलाउद्दीन खिलजी ने मौका देखकर राजा रतन सिंह को व्ही पर बंदी बना लिया। इसके बाद उसने किले में संदेश भिजवाया की अगर तुम अपने राजा को जीवित देखना चाहते हो तो कल सुबह तक रानी पद्मावती को मेरे हवाले कर देना।

दिल की चाबी – Short Hindi Stories with Moral Values

सेनापति गौरा और बादल की योजना

अलाउद्दीन खिलजी के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया। खिलजी के पास सन्देश भेजा गया की रानी पद्मावती समर्पण के लिए तैयार है। अगले दिन किले से बहुत सारी पालकी बाहर आयी। जिसमे रानी पद्मावती नहीं थी। बल्कि स्त्रियों की पोषक में सैनिक थे।

उन सैनिकों ने मौका देखकर पालकी से बाहर निकलकर अलाउद्दीन खिलजी की सेना पर आक्रमण कर दिया और राजा रावल रतन सिंह को छुड़ाकर किले तक सुरक्षित पहुँचा दिया। इस दौरान सेनापति गौरा और कुछ सैनिकों की मौत हो गयी।

सोच बदल देगी जिंदगी – Real Life Inspirational Stories in Hindi

गुस्से में आकर खिलजी ने किया आक्रमण

जब राजा रतन सिंह के सैनिक अपने राज्य को अलाउद्दीन खिलजी की नाक के निचे से बचाकर ले गये। यह सोचकर उसे बहुत गुस्सा आया और उसने किले पर आक्रमण करने का आदेश दे दिया। लेकिन उसके सैनिक किले की सुरक्षा को नहीं तोड़ सके। जब उन्हें कोई रास्ता नजर नहीं आया तो उन्होंने किले की घेरा बंदी कर दी।

जिसके कारण किले में खाद्य पदार्थ और लोगों की जरूरत के सामान नहीं पहुँच सके। अंत में राजा रतन सिंह ने अपनी सेना को लड़ने के लिए तैयार किया और किले के दरवाजों को खोल दिया गया। राजा रतन सिंह और अलाउद्दीन खिलजी के बीच भीषण युद्ध हुआ। इस युद्ध में लड़ते हुए। राजा रतन सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए।

सफलता कैसे प्राप्त करे – Very Short Story in Hindi

रानी पद्मावती ने आत्मदाह करने का फैसला किया

अलाउद्दीन खिलजी ने जब राजा रतन सिंह के साथ लगभग सभी सैनिकों को मार दिया। तब रानी पद्मावती समझ गयी की अब अलाउद्दीन खिलजी बूढ़ो और बच्चो को मारकर। औरतों को अपना गुलाम बना लेगा और उन पर तरह तरह के अत्याचार करेगा। इसलिए रानी पद्मावती ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए सभी औरतों के साथ मिलकर आत्मदाह करने का फैसला किया।

रानी पद्मावती से आदेश पर नगर के बीचो बीच एक अग्नि कुंड बनवाया गया। रानी पद्मावती और नगर की सभी महिलाओ ने उस अग्नि कुंड में कूदकर आत्मदाह कर लिया। इस तरह उन सभी औरतों ने अपने आत्म सम्मान की रक्षा की।

मेरे पास email id नहीं है। इसलिए मैं अरबपति हूँ। Moral Stories for Childrens in Hindi

दोस्तों इन औरतों का नाम आज भी सम्मान से लिया जाता है। राजा रावल रतन सिंह और रानी पद्मावती का नाम इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा गया है। हमे गर्व होना चाहिए की हमने ऐसे देश में जन्म लिया यहाँ पर प्रतापी राजाओं की वीरगाथाएँ ही नहीं बल्कि वीर और साहसी रानियों की गाथाए भी सुनने को मिलती है। रानी पद्मावती को आत्मदाह क्यों करना पड़ा। Rani Padmavati Story in Hindi

जय हिन्द जय भारत

इन्हें भी पढ़ना मत भूले

दोस्तों यदि आपके पास Hindi में कोई भी Article, Motivational Stories in Hindi and Inspirational Stories in Hindi या कोई भी अच्छी जानकारी है जो किसी दूसरे के काम आ सके तो आप उस जानकारी को हमारे साथ share जरूर कीजिए। आप हमें उस जानकारी को अपने photo के साथ email कर सकते है। हमारी email id है helphelp24x7@gmail.com अगर हमे आप के द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आयी तो हम उसे आपके नाम और photo के साथ अपनी website पर publish करेंगे। Thank You

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *